Kód: 48875564
"कर्मयोग" स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक प्रेरणादायक ग्रंथ है, जिसमें उन्होंने निष्काम कर्म यानी बिना फल की इच्छा के कर्म करने की महत्ता को समझाया है। यह पुस्तक बताती है कि यदि हम अपने कर्तव्यों को निःस्वार्थ भाव से निभाएं, तो वह ... celý popis
Hindština
Nákupem získáte 36 bodů
Anotace knihy
| "कर्मयोग" स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक प्रेरणादायक ग्रंथ है, जिसमें उन्होंने निष्काम कर्म यानी बिना फल की इच्छा के कर्म करने की महत्ता को समझाया है। यह पुस्तक बताती है कि यदि हम अपने कर्तव्यों को निःस्वार्थ भाव से निभाएं, तो वह भी एक आध्यात्मिक साधना बन सकती है। | स्वामी जी के अनुसार, कर्म सिर्फ बंधन का कारण नहीं है, बल्कि सही दृष्टिकोण से किया गया कर्म मोक्ष का मार्ग भी बन सकता है। यह ग्रंथ जीवन में सेवा, त्याग और आत्मनियंत्रण के माध्यम से आत्मिक उन्नति का संदेश देता है। | अगर चाहो तो मैं इसका सारांश या प्रमुख विचार भी दे सकता हूँ। |
Parametry knihy
Zařazení knihy Knihy v němčině Ratgeber Spiritualität Altes Wissen, Alte Kulturen
359 Kč
HindštinaOsobní odběr Praha, Brno a 46896 dalších
Copyright ©2008-26 nejlevnejsi-knihy.cz Všechna práva vyhrazenaSoukromíCookies
Vrácení do měsíce
571 999 099 (8-15.30h)Nákupní košík ( prázdný )